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हिंदी शिक्षण और तकनीकी

प्रिय शिक्षकगण!

ब्लॉग के इस अंश में हमारा प्रमुख ध्यान हिंदी कक्षा-शिक्षण और तकनीकी पर रहेगा। स्थान-स्थान पर कार्यशाला का आयोजन करते हुए हमारी टीम ने पाया है कि हिंदी कक्षा-शिक्षण में शिक्षकों के सामने तकनीकी एक बड़ी चुनौती के रूप में उपस्थित है, जिसे अब टाला नहीं जा सकता। विद्यार्थी नित्‌ नए तकनीकी हथियारों के साथ लैस होकर कक्षा में उपस्थित हो रहे हैं और उनकी यह माँग होती है कि हम शिक्षक भी अपने शिक्षण के हथियारों में कुछ तकनीकी औज़ारों को शामिल कर लें। कहना न होगा कि युग की इस माँग को हमारे कई शिक्षक बंधुओं ने पहचानकर अपने कक्षा-शिक्षण को तकनीकी से जोड़ा है।

             इसी क्रम में मेरा यह प्रयास एक मदद की कोशिश भर है। यहाँ हम कक्षा - शिक्षण के लिए उपयोगी कुछ औज़ारों पर चर्चा करेंगे और उनके प्रयोगों को भी बिस्तार से सीखेंगे। इस क्षेत्र में गूगल और अन्य बड़ी कम्पनियों ने कई औज़ारों का निर्माण किया है, जिनमें से मैं यहाँ २५० औज़ारों की चर्चा करुँगा।

१) बोलकर हिंदी टाइप करना

किसी भी भाषा में टाइप करना लिखने से ज़्यादा कठिन माना जाता रहा है। यही कारण है कि मुद्रण का कार्य समय की मांग रखता है। हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं के लिए भी टाइप करना या मुद्रण हमारे सामने एक चुनौती प्रस्तुत करता है।इस क्रम में हम चाहते हैं कि अगर बोली गई बात स्वत़ः टाइप करना या मुद्रित होने लगे, तो कितना अच्छा हो। इसकी बढ़ती मांग ने बड़ी-बड़ी सॉफ्टवेयर कम्पनियों को आकर्षित किया। इस क्षेत्र में गूगल और माइक्रोसॉफ्ट ने बड़ी तरक्की की है, जिनमें गूगल की योजना बड़ी सहज जान पड़ती है।

 

हालांकि अभी भी यह तकनीक अपने शुरूआती विकास के दौड़ में है और अभी अधूरा जान पड़ता है।विराम चिह्नों का प्रयोग स्वयं ही करना पड़ता है। कई बार गलत टाइप कर देता है। पर फिर भी बोलकर यह टाइप करने में सहुलियत होती है।

 

आइए इस वीडियो में देखते हैं कि बोलकर कैसे टाइप कर सकते हैं --

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2018 by हिंदी का कार्य और विशाल सिंह

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